Home काँग्रेस की बड़ी हार के मुख्य कारण

काँग्रेस की बड़ी हार के मुख्य कारण

  • by
Share with Friends

एक बार फिर से 2014 की तरह ही 2019 में उससे भी अधिक प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा केंद्र में सरकार बना रही है ।

हालांकि काँग्रेस की सीटें भी पिछली बार के मुकाबले बढ़ कर ही आई हैं लेकिन ये बढ़त कोई मायने नहीं रखती । तो आइए देखते हैं कि ऐसा क्या हुआ कि सब कुछ भाजपा की ओर चला गया ।

सबसे पहला और सबसे बड़ा कारण है कि काँग्रेस ने हर कदम पर भाजपा को मौका दिया कि वह काँग्रेस की छवि को देश के खिलाफ दर्शा सके ।

कोई कितना भी गलत हो लेकिन जब देश की बात आती है तो हर एक के दिल मे देश भक्ति का जुनून होता है जिसे भाजपा और मोदी ने बेहतर तरीके से भुनाया है ।

काँग्रेस मेनीफेस्टो में सामने आए कुछ शब्दों जैसे देश द्रोह का कानून आदि को भाजपा ने पकड़ा और फिर काँग्रेस को उस हद तक देश विरोधी साबित कर दिया कि काँग्रेस को जो वोट जाने वाले थे वे भी नहीं गए ।

दूसरा बड़ा मुद्दा रहा भाजपा का 370 पर खुलकर सामने आना , देश का बच्चा बच्चा कश्मीर को अपना मानता है लेकिन 370 की वजह से वहाँ की नागरिकता संबंधी कानून के खिलाफ है जिसकी वकालत काँग्रेस को महँगी पड़ी ।

काँग्रेस ने राफेल जैसे मुद्दे को बहुत जोर शोर से उठाने की कोशिश की जिसको साबित करने में वे सिरे से फेल रहे , जबकि इसका उल्टा असर पुराने मामले भाजपा द्वारा उठाने से फैल गया ।

काँग्रेस उत्तरप्रदेश और दिल्ली सहित कई प्रदेशों में सही गठबंधन करने में फेल रही । काँग्रेस को लगा कि वो अकेले ही अधिक सीटें ला सकती है और यही सोच उत्तरप्रदेश गठबंधन की थी जिसकी वजह से विपक्षी दलों ने आपस मे ही अपने वोट भी कटवाए जिसका सीधा फायदा भाजपा को हुआ ।

काँग्रेस कोई भी बुलंद नारा लेकर नहीं आ सकी और उसका चौकीदार चोर है नारा भाजपा ने मैं भी चौकीदार से भुनाना शुरू कर दिया ।

पिछली बार गुजरात मे आए बयानों की तरह इस बार पित्रोदा के बयानों से भी काँग्रेस का माहौल खराब हुआ । हुआ सो हुआ भी बड़ी वजह बन गया ।

370 एक ऐसा ज्वलंत मुद्दा जिसकी वजह काँग्रेस है ये बताने में भाजपा कामयाब रही पर उसके पीछे की मुख्य वजहों जैसे राजा हरी सिंह की इच्छा आदि जनता तक पहुंचाने में काँग्रेस नाकामयाब रही ।

आखिरी और खास वजह है शोशल मीडिया जहाँ काँग्रेस के सपोर्टर खुलकर बोल नहीं पाते तो भाजपा सपोर्टर फेक पोस्ट को सच साबित करने में भी कामयाब होते रहे ।

तो ये थीं काँग्रेस की हार के पीछे की कुछ मुख्य वजहें ।