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राजीव गांधी ( Rajiv Gandhi )

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राजीव गांधी ( Rajiv Gandhi in Hindi )

राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे जो 40 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बने। युवा सोच वाले राजीव गांधी को 21 वीं सदी के भारत का निर्माता भी कहा जाता है वे भारत के छठे प्रधानमंत्री थे।

पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी (राजीव गाँधी की मां ) की हत्या के बाद लोकसभा चुनाव में महीने भर के लंबे चुनाव अभियान के दौरान श्री गांधी ने देश के लगभग सभी भागों में जाकर 250 से अधिक सभाएं कीं एवं लाखों लोगों से आमने-सामने मिले चुनाव में कांग्रेस को 508 में से रिकॉर्ड 401 सीटें हासिल हुईं ।

श्री राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को बम्बई में हुआ था। वे सिर्फ तीन वर्ष के थे जब भारत स्वतंत्र हुआ और उनके दादा श्री जवाहरलाल नेहरु स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने।

राजीव गांधी ने अपना बचपन अपने दादा के साथ तीन मूर्ति हाउस में बिताया । वे कुछ समय के लिए देहरादून के वेल्हम स्कूल गए लेकिन जल्द ही उन्हें हिमालय की तलहटी में स्थित आवासीय दून स्कूल में भेज दिया गया।

स्कूल से निकलने के बाद श्री गाँधी कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए लेकिन जल्द ही वे वहां से हटकर लन्दन के इम्पीरियल कॉलेज चले गए। उन्होंने वहां से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

हवाई उड़ान उनका सबसे बड़ा जुनून था। अपेक्षानुसार इंग्लैंड से घर लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली फ्लाइंग क्लब की प्रवेश परीक्षा पास की एवं वाणिज्यिक पायलट का लाइसेंस प्राप्त किया वे घरेलू राष्ट्रीय जहाज कंपनी इंडियन एयरलाइंस के पायलट बन गए।

राजीव का विवाह एन्टोनिया माईनो से हुआ जो उस समय इटली की नागरिक थी। विवाहोपरान्त उनकी पत्नी ने नाम बदलकर सोनिया गांधी कर लिया। जीव व सोनिया की दो बच्चे हैं, पुत्र राहुल गांधी का जन्म 1970 और पुत्री प्रियंका गांधी का जन्म 1972 में हुआ।

कैम्ब्रिज में उनकी मुलाकात इतालवी सोनिया से हुई थी जो उस समय वहां अंग्रेजी की पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने 1968 में नई दिल्ली में शादी कर ली। वे अपने दोनों बच्चों, राहुल और प्रियंका के साथ नई दिल्ली में श्रीमती इंदिरा गांधी के निवास पर रहे।

लेकिन 1980 में एक विमान दुर्घटना में उनके भाई संजय गाँधी की मौत के बाद उनपर राजनीति में प्रवेश करने का दवाब बन गया। उन्होंने अपने भाई की मृत्यु के कारण खाली हुए उत्तर प्रदेश के अमेठी संसद क्षेत्र का उपचुनाव जीता।

1984 से 1991 के बीच राजीव गांधी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री रहे । इन पांच वर्षों में ही इस युवा प्रधानमंत्री ने अपने कार्यों से देश की जनता के दिलोदिमाग में अमिट छाप छोड़ी। एक ही कार्यकाल में कई ऐसे कार्य किए, जिसके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है ।

राजीव गांधी ने जवाहर नवोदय विद्यालयों की नींव डाली थी। ये आवासीय विद्यालय होते हैं। देश में खुले 551 नवोदय विद्यालय में प्रवेश परीक्षा में सफल मेधावी बच्चों को प्रवेश मिलता है। बच्चों को छह से 12 वीं तक की मुफ्त शिक्षा और हॉस्टल में रहने की सुविधा मिलती है।

राजीव गांधी ने अपने वैज्ञानिक मित्र सैम पित्रोदा के साथ मिलकर देश में कंप्यूटर क्रांति लाने की दिशा में काम किया । उन्होंने कंप्यूटर तक आम जन की पहुंच को आसान बनाया ।

राजीव गांधी ही थे जो भारत में दूरसंचार क्रांति लाए उन्हें सूचना तकनीक और दूरसंचार क्रांति का जनक कहा जाता है। राजीव गांधी की पहल पर अगस्त 1984 में  भारतीय दूरसंचार नेटवर्क की स्थापना के लिए सेंटर फॉर डिवेलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) की स्थापना हुई। 1986 में राजीव की पहल से ही एमटीएनएल की स्थापना हुई, जिससे दूरसंचार क्षेत्र में और प्रगति हुई ।

उन्होंने 1989 में संविधान के 61 वें संशोधन के जरिए वोट देने की उम्र सीमा घटाकर 18 वर्ष कर दी, 18 वर्ष की उम्र के युवाओं को मताधिकार देकर उन्हें देश के प्रति और जिम्मेदार तथा सशक्त बनाने की पहल की , पहले देश में वोट देने की उम्रसीमा 21 वर्ष थी.

21 मई, 1991 की रात दस बज कर 21 मिनट पर तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान लिट्टे के आत्मघाती हमलावरों ने बम हमले में उनकी हत्या कर दी थी।

तीस साल की एक नाटी, काली लड़की चंदन का एक हार ले कर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की तरफ़ बढ़ी. जैसे ही वो उनके पैर छूने के लिए झुकी, कानों को बहरा कर देने वाला धमाका हुआ और सब ख़त्म हो गया, 21 मई को राजीव गांधी बलिदान दिवस को आतंकवाद वि‍‍रोधी दि‍वस के रूप में भी मनाया जाता है।