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सुकन्या समृद्धि योजना बेटी के भविष्य के लिए निवेश

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क्या है सुकन्या समृद्धि योजना? (SSY) Sukanya Samriddhi Yojna

सुकन्‍या समृद्धि भारत सरकार द्वारा लाई गई एक बचत योजना है जिसके अंतर्गत अभिभावक कन्या के नाम से खाता खोल सकते हैं | यह खाता केवल जन्म से लेकर 10 वर्ष की उम्र की लड़की के नाम पर ही खाता खुलवाया जा सकता है | यह खाता किसी भी डाकखाने और निर्धारित सरकारी बैंकों में खोला जा सकता है।

केंद्र सरकार द्वारा यह बचत योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ स्कीम के तहत लांच किया गया है. इस बचत स्कीम में सबसे बेहतर ब्याज दर देने का प्रावधान है ।

10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए उच्च शिक्षा और शादी के लिए बचत करने के लिहाज से केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना एक अच्छी निवेश योजना है।

इस योजना में निवेश से आपको इनकम टैक्स बचाने में भी मदद मिलती है क्योंकि इस में जमा की जाने वाली रकम और परिपक्‍व रकम को आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत पूरे कर छूट प्राप्‍त है।

सुकन्या समृद्धि योजना व्याज दर

सुकन्या समृद्धि योजना Sukanya Samriddhi Yojna में मौजूदा व्याज दर 8.5 प्रतिशत है ।

शुरुआत  में सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में 9.1 फीसदी की दर से ब्याज दिया गया था

सरकार हर वर्ष ब्‍याज दर की समीक्षा करेगी और उसकी घोषणा की जाएगी। बदलती व्याज दर इस प्रकार रही है:

अप्रैल 2015 – मार्च 2016 तक 9.2%

अप्रैल 2016 – सितम्बर 2016 तक 8.6%

अक्टूबर 2016 – जून 2017 तक 8.5%

जुलाई  2017-दिसंबर 2017 तक  8.3%

जनवरी 2018 – सितंबर 2018 : 8.1%

अक्टूबर 2018 –  8.5%

हर वर्ष जमा की जाने वाली रकम की न्‍यूनतम सीमा 1000 रुपये और अधिकतम सीमा 1 लाख 50 हजार रुपये हैं।

कौन नहीं खोल सकता

सुकन्‍या समृद्धि के अंतर्गत 10 वर्ष से ऊपर लड़कियों का अकाउंट ओपन नहीं किया जा सकता है |

इस योजना का लाभ अनिवासी भारतीय (NRI) नहीं प्राप्त कर सकते हैं |  खाता खोलने के बाद एन आर आई बन जाने पर उसे सुकन्या समृद्धि योजना में व्याज देय नहीं होगा या उसे खाता बंद करना होगा |

 

सुकन्या  सम्रद्धि Sukanya Samriddhi Yojna खाते की शर्तें

यह खाता केवल जन्म से लेकर 10 वर्ष की उम्र की लड़की के नाम पर ही खाता खुलवाया जा सकता है | अभिभावक लड़की के नाम एक ही खाता खोल सकते हैं और अधिकतम दो लड़कियों के खाते खोले जा सकते हैं। यदि पहले एक लड़की हो और उसके बाद जुड़वा लड़कियां पैदा हों या पहली बार में ही तीन लड़कियां पैदा हों तो ऐसी स्थिति में तीन लड़कियों के नाम से बैंक खाते खोले जा सकते हैं।

खाता खोलने की तारीख से 14 वर्ष तक रकम जमा की जाएगी। इसके बाद जमा रकम पर ब्‍याज मिलता रहेगा। एक महीने में या एक वित्‍त वर्ष के दौरान रकम जमा करने की बारम्‍बारता की कोई सीमा नहीं है।

न्‍यूनतम आवश्‍यक निर्धारित राशि जमा नहीं करने पर खाते को प्रति वर्ष 50 रुपये पेनाल्‍टी के साथ न्‍यूनतम रकम जमा कर दोबारा चालू किया जा सकता है ।

खाते की वैधानिकता उसके खोले जाने की तारीख से लेकर 21 वर्ष की है, जिसके बाद रकम परिपक्‍व होकर उस लड़की को दे दी जाएगी जिसके नाम पर खाता है। यदि लड़की का विवाह 21 वर्ष पूरा होने के पहले हो जाता है तो खाता अपने-आप बंद हो जाएगा।

यदि परिपक्‍वता के बाद भी खाता बंद नहीं किया जाता तो बैलेंस रकम पर ब्‍याज मिलता रहेगा ।

21 वर्ष की अवधि से पूर्व 18 वर्ष की आयु होने पर लड़की कुल जमा राशि का 50 प्रतिशत ही निकाल पाएगी। बशर्ते निकाली जाने वाली रकम या तो उच्‍च शिक्षा प्राप्‍त करने के लिए हो या विवाह के लिए हो। और रकम निकालने के समय खाते में कम से कम 14 वर्ष या उससे अधिक की जमा मौजूद हो।

यदि सक्षम अधिकारी यह सुनिश्चित हो जाएगा कि अब जमाकर्ता के लिए खाते में रकम जमा करना संभव नहीं है और रकम जमा करने में मुश्किल हो रही है तो खाता बंद किया जा सकता है।

खाता खोलने के लिए :

नजदीकी बैंक शाखा अथवा पोस्ट ऑफिस में नीचे दिए गए कागजों के साथ संपर्क कर खाता खुलवा सकते हैं

  1. अस्‍पताल या सरकारी अधिकारी द्वारा प्रदान किया गया लड़की का जन्‍म प्रमाण पत्र
  2. लड़की के माता-पिता या कानूनी अभिभावक के निवास का प्रमाण पत्र जैसे पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली या टेलीफोन बिल, मतादाता पहचान पत्र, राशन कार्ड या भारत सरकार द्वारा प्रदत्‍त अन्‍य कोई भी प्रमाण पत्र ।

खाता खोले जाने के बाद उसे भारत में कहीं भी स्‍थानांतरित किया जा सकता है।

 

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