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कोरोना वायरस – लक्षण और बचाव के उपाय

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया भर में कोरोना वायरस (Corona virus disease – COVID-19) के संक्रमण के लगभग 140,000 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस (Corona virus disease – COVID-19) कई देशों में पहुंच चुका है। इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 6000 को पार कर गई है। डब्लूएचओ (WHO) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। दुनिया भर की सरकारें कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने पर ध्यान दे रही हैं। जानकारों का कहना है इसके संक्रमण को फैलने से रोककर ही इसे काबू में किया जा सकता है। इसके लिए इसके लक्षण और रोकथाम के बारे में जानना जरुरी है।

भारत में भी कोरोना के केस सामने आए

कोरोना वायरस के लक्षण

कोरोना वायरस के संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इसके लक्षण एकदम फ्लू से मिलते-जुलते हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। अधिक उम्र के लोग जिन्हें पहले से डायबिटीज़, हार्ट या अन्य गंभीर बीमारी है वे तुरंत इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।

संक्रमण के फलस्वरूप सबसे पहले जुकाम फिर बुखार और सांस लेने में तकलीफ और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती हैं यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। इन्सान के अंदर की इम्युनिटी पावर जितनी अधिक होगी वो इससे उतना ही सुरक्षित रहेगा।

नया चीनी कोरोना वायरस, सार्स वायरस की तरह है। इसके लक्षणों को पहचानकर ही कोरोना वायरस की बेहतर तरीके से रोकथाम की जा सकती है।

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कैसे फैलता है कोरोना वायरस ?

चीन के बुहान से कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्यों तक पहुंच चुका है और अब मनुष्यों से मनुष्यों के बीच सफर कर रहा है। कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से अन्य लोग भी संक्रमित हो रहे हैं क्योंकि यह रोग किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है।

संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर उसके मुंह और नाक से निकले कण द्वारा यह रोग दूसरों में फैलता है कोरोना वायरस के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं। इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं।

संक्रमित व्यक्ति के पास मौजूद लोग जब इन विषाणुयुक्त कण के संपर्क में आते हैं तो यह कण उनके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं क्योंकि अगर आप किसी भी ऐसी वस्तु को छूते हैं जहां ये कण गिरे हैं और उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंच जाते हैं।

इसी तरह एक संक्रमित व्यक्ति यह वायरस सभी संपर्क में आए लोगों तक पहुंचा सकता है अतः संक्रमित व्यक्ति व उसके आसपास सभी को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ से बचाव के उपाय

कोरोना वायरस से बचाव का फिलहाल कोई टीका या दवा तैयार नहीं है। इसलिए इससे बचाव के लिए स्वयं ही कोशिश करनी होगी। इसलिए खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करें, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छुएँ और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें ।

सर्वप्रथम आवश्यक न हो तो जब तक खतरा कम नहीं हो जाता घर से कम निकलें।

कोई व्यक्ति खांस या छींक रहा हो तो उससे कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें ।

बाहर जाने या काम पर अपनी आंख, नाक और मुंह को हाथ लगाने से बचें ।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार फेस मास्क कोरोना वायरस से प्रभावी सुरक्षा प्रदान नहीं करते और सामान्य क़िस्म का मास्क लगाने से वायरस जैसे अतिसूक्ष्म कणों से पूरी तरह बचा नहीं जा सकता। लेकिन फिर भी इनका इस्तेमाल करें क्योंकि कणों के सीधे अन्दर जाने की आशंका थोड़ी कम हो जाती है।

ट्रेन, बस, ट्राम या टैक्सी से यात्रा के बाद घर पहुंचते ही सबसे पहले दोनों हाथ अच्छी तरह धोयें।

काम पर और सफ़र में भी हाथों को मौका मिलते ही अल्कोहल आधारित सेनेटाइजर से मलें या साबुन लगाकर अच्छी तरह से धोयें।

स्वयं खांसते या छींकते वक्त भी मुंह को टिश्यू पेपर से ढंक दें और इस्तेमाल किये टिश्यू पेपर को कचरे के डिब्बे में ही डालें।

भारत में कोरोना 

खांसी, बुखार या तबीयत ख़राब होने पर घर पर ही रहें और डॉक्टर या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को फ़ोन करें घर पर भी इससे बचने के लिए आप नियमित रूप से और अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छे से समय समय पर धोते रहें ।

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