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ग्रहों के नाम GRAHO KE NAME हिन्‍दी और अंग्रेजी में

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ग्रहों के नाम (Graho Ke Naam) हिन्‍दी और अंग्रेजी में  Name of planets in Hindi and English

अक्सर प्रतियोगी परीक्षा में ग्रहों के नाम पूछे जाते है तो आइये जानते है हिन्‍दी और अंग्रेजी में ग्रहों के नाम Planets Name In Hindi and english और उनके बारे में जानकारी –

क्र.सं.  अंग्रेजी नाम   उच्चारण     हिन्‍दी में नाम

  1.  Mars           मार्स          मंगल
  2.  Mercury    मर्करी        बुध
  3.  Neptune    नेप्‍च्‍यून     वरूण
  4.  Saturn       सैटर्न         शनि
  5.  Earth        अर्थ           पृथ्‍वी
  6.  Jupiter     जुपीटर       बृहस्‍पति
  7.  Uranus     युरेनस       अरूण
  8.  Venus       वीनस        शुक्र

 

सौरमंडल के ग्रहों के नाम Planets Name In Hindi

सूर्य या किसी अन्य तारे के चारों ओर परिक्रमा करने वाले खगोल पिण्डों को ग्रह कहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के अनुसार हमारे सौर मंडल में आठ ग्रह हैं -बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, युरेनस और नेप्चून। इनके अतिरिक्त तीन बौने ग्रह और हैं – सीरीस, प्लूटो और एरीस।

ब्रह्मांड में असंख्य ग्रह है और हमारी आकाशगंगा में ही करोड़ो ग्रह है। हमारे सौरमंडल का तारा सूर्य है। यहां पर हमारे सौरमंडल के ग्रहों के नाम पर चर्चा करेंगे।

इन ग्रहों के बारे में जानकारी इस प्रकार है –

1. बुध ग्रह [मर्करी प्लानेट] Mercury Planet:

बुध ग्रह  सौरमंडल  के आठ ग्रहों में सबसे छोटा और सूर्य के सबसे नजदीक का ग्रह है। यह एक ठोस ग्रह है। बुध की धरती क्रेटरों से अटी पडी है तथा बिलकुल हमारे चन्द्रमा जैसी नजर आती है । यह सूर्य की एक परिक्रमा करने में 88 दिन लगाता है। बुध का कोई उपग्रह नहीं है। यह अपने परिक्रमा पथ पर 29 मील प्रति क्षण की गति से चक्कर लगाता है। बुध को सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से ठीक पहले नग्न आंखो से देखा जा सकता है। सूर्य के बेहद निकट होने के कारण इसे सीधे देखना मुश्किल होता है।

2. शुक्र ग्रह [वीनस प्लानेट] venus Planet:

यह सूर्य से दूसरे नंबर का है। शुक्र सौरमण्डल का सबसे चमकीला ग्रह है।  इस ग्रह पर जहरीली गैस का वायुमंडल है जिसमें घने बादल है। शुक्र का कोई भी उपग्रह नही है। शुक्र सूर्य से दूसरा ग्रह है और छठवां सबसे बड़ा ग्रह है। शुक्र पर कोई भी चुंबकीय क्षेत्र नहीं है और इसका कोई उपग्रह नहीं है। शुक्र ग्रह को आँखों से देखा जा सकता है। शुक्र सौर मंडल का सबसे गरम ग्रह है। पृथ्वी के समान आकार, गुरुत्वाकर्षण और संरचना के कारण उसे पृथ्वी का “बहन ग्रह” कहा जाता है। शुक्र की अधिकतर सतह ज्वालामुखी गतिविधि द्वारा निर्मित नजर आती है। शुक्र पर पृथ्वी की तरह अनेकानेक ज्वालामुखी है ।

 

3. पृथ्वी ग्रह [अर्थ प्लानेट] Earth Planet :

पृथ्वी सौलर सिस्टम का एकमात्र ग्रह है जिस पर जीवन है। पृथ्वीको नीला ग्रह भी कहते है। पृथ्वी की आकृति अंडाकार है।  पृथ्वी बुध और शुक्र के बाद सूर्य से तीसरा ग्रह है। आंतरिक ग्रहों में से सबसे बड़ा ग्रह है। सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी को खगोलीय इकाई कहते हैं। ये लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है। ये दूरी वासयोग्य क्षेत्र में है। किसी भी सितारे के गिर्द यह एक खास जोन होता है जिसमें जमीन की सतह के ऊपर का पानी तरल अवस्था में रहता है। सूर्य के चारों ओर परिक्रमा के दौरान पृथ्वी अपनी कक्षा में 365 बार घूमती है; इस प्रकार, पृथ्वी का एक वर्ष लगभग 365 दिन लंबा होता है। पृथ्वी का अपना चुंबकिय क्षेत्र है जिसे गुरुत्वाकर्षण कहते हैं।

 

4. मंगल ग्रह [मार्स प्लानेट] Mars Planet:

मंगल सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह है। प्रथ्वी से देखने पर इसकी आभा रिक्तिम दिखती है जिस कारण मंगल ग्रह को लाल ग्रह भी कहते है। मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना तलाशी जा रही है। ऐसा माना जाता है कि मंगल पर करोड़ो सालो पहले तक जीवन था । मंगल ग्रह का यह लाल रंग आयरन आक्साइड की अधिकता की वजह से है। मंगल, पृथ्वी के व्यास का लगभग आधा है। यह पृथ्वी से कम घना है । पृथ्वी की तरह मंगल भी एक स्थलीय धरातल वाला गृह है। निम्न वायुमंडलीय दाब के कारण मंगल की सतह पर तरल जल मौजूद नहीं है मगर बर्फीली चोटियां मोटे तौर पर जल से बनी हुई नजर आती हैं। मंगल पर पहुँचने के साथ अन्य खोजों के लिए विभिन्न देशों के प्रयास जारी हैं।

 

5. बृहस्पति ग्रह [ज्यूपिटर प्लानेट] Jupiter Planet: 

बृहस्पति सूर्य से पांचवां और सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। बृहस्पति एक गैसीय ग्रह है। बृहस्पति एक गैस दानव है जिसका द्रव्यमान सूर्य के हजारवें भाग के बराबर तथा सौरमंडल में मौजूद अन्य सात ग्रहों के कुल द्रव्यमान का ढाई गुना है। बृहस्पति को शनि, युरेनस और नेप्चून के साथ एक गैसीय ग्रह के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

इन चारों ग्रहों को बाहरी ग्रहों के रूप में जाना जाता है और इसका रंग पिला है। रोमन सभ्यता ने अपने देवता जुपिटर के नाम पर इसका नाम रखा था। बृहस्पति सदा अमोनिया क्रिस्टल और संभवतः अमोनियम हाइड्रोसल्फाइड के बादलों से ढंका रहता है। बृहस्पति पर आकृतियों की पारस्परिक क्रिया तूफान और अस्तव्यस्तता का कारण होती है। बृहस्पति पर सबसे जानी पहचानी आकृति विशाल लाल धब्बा या ग्रेट रेड स्पोट है। यह पृथ्वी से भी बड़ा एक प्रति चक्रवाती तूफ़ान है ।

6. शनि ग्रह [सैटर्न प्लानेट] Saturn Planet:

शनि सौरमण्डल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। यह सूर्य से छठां ग्रह है। यह ग्रह भी गैसीय है। यह आकाश में हल्के पीले तारे के समान दिखाई देता है। सौरमंडल में बृहस्पति के बाद सबसे बड़ा ग्रह है। शनि का बाह्य भाग मुख्य रूप से गैस का बना है । शनि ग्रह का गुरुत्व पानी से भी कम है और इसके लगभग 62 उपग्रह हैं। शनि एक गैस दानव घोषित हुआ है पर यह पूरी तरह से गैसीय नहीं है। ग्रह मुख्य रूप से हाइड्रोजन का बना हैं ।शनि ग्रहीय छल्लों की प्रणाली के लिए बेहतर जाना जाता है जो उसे दृष्टिगत रूप से अनूठा बनाता है। यह छल्ले शनि की भूमध्य रेखा के ऊपर 6,630 किमी से लेकर 1,20,700 किमी तक विस्तारित है जो अंश मात्रा की थोलीन अशुद्धियों एवं अनाकार कार्बन के साथ जल बर्फ से बने हुए हैं।

इसके 62 उपग्रह में टाइटन सबसे बड़ा उपग्रह है। टाइटन बृहस्पति के उपग्रह गिनिमेड के बाद दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है।

7. अरुण ग्रह [यूरेनस प्लानेट] Uranus Planet:

अरुण ग्रह हमारे सौर मंडल में सूर्य से सातवाँ ग्रह है यह भी एक गैसीय ग्रह है। यह सौरमण्डल के बाहरी ग्रहों में से एक है। अरुण या युरेनस व्यास के आधार पर यह सौर मंडल का तीसरा बड़ा और द्रव्यमान के आधार पर चौथा बड़ा ग्रह है। यूरेनस ग्रह पर भी वलय है लेकिन बहुत पतले होने के कारण दिखाई नही देते है। द्रव्यमान में यह पृथ्वी से 14.5 गुना अधिक भारी और आकार में पृथ्वी से 63 गुना अधिक बड़ा है। अरुण को बिना दूरबीन के आँखों से भी देखा जा सकता है।

8. वरुण ग्रह [नेपच्युन प्लानेट] Neptune Planet:

यह सौरमंडल का अंतिम ग्रह माना जाता है और हमारे सौर मंडल में सूर्य से आठवां ग्रह है । वरुण ग्रह भी गैसीय है। वरुण सूर्य से बहुत दूर स्थित ग्रह है। व्यास के आधार पर यह सौर मंडल का चौथा बड़ा और द्रव्यमान के आधार पर तीसरा बड़ा ग्रह है। वरुण का द्रव्यमान पृथ्वी से 17 गुना ज्यादा है और अपने पड़ोसी ग्रह अरुण से थोडा ज्यादा है। वरुण पर बादल, तूफ़ान और मौसम का बदलाव साफ़ नज़र आता है। वरुण को नीला दैत्य भी कहा जाता है।

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